Gauri Sawant: जानिए कौन हैं ट्रांसवुमन गौरी सावंत, जिनका किरदार निभा रही हैं सुष्मिता सेन

गौरी सावंत (Gauri Sawant) एक सोशल वर्कर हैं जो कई साल से किन्नरों के हितों के लिए काम कर रही हैं. गौरी सावंत को कौन बनेगा करोड़पति सीजन 9 में देखा गया था. सिंगर ऊषा उत्थुप ने सेक्स वर्कर के लिए घर बनाने के लिए पैसा जोड़ने में गौरी की मदद की थी. उन्हें विक्स के एड में एक ट्रांसजेंडर मां के रूप में दिखाया गया है,

सुष्मिता सेन (Sushmita Sen) बॉलीवुड इंडस्ट्री की ग्लैमरस और फेमस एक्ट्रेस में से एक हैं. वह अक्सर सुर्खियों में बनी रहती है. इन दिनों सुष्मिता सेन अपनी अपकमिंग वेब सीरीज ‘ताली’ (Taali) को लेकर चर्चा में हैं. ये सीरीज एक बायोपिक है. जिसमें सुष्मिता ट्रांसवुमन और सामाजिक कार्यकर्ता गौरी सावंत  (Gauri Sawant) की भूमिका निभाती नजर आएंगी. सुष्मिता सेन ने सोशल मीडिया पर अपना फर्स्ट लुक शेयर किया हैं. जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया है. सुष्मिता सेन के इस लुक ने फैंस में इस वेब सीरीज ‘ताली’ (Taali) का क्रेज और भी बड़ा दिया हैं. सुष्मिता ने यह भी बताया कि ताली सीरीज की फिल्मिंग शुरू हो गई हैं.

Sushmita Sen

कौन हैं गौरी सावंत

दरअसल, वेब सीरीज ‘ताली’ (Taali)  में सुष्मिता सेन का किरदार गौरी सावंत  (Gauri Sawant) की असल जिंदगी पर आधारित है. जब से ‘ताली’ से सुष्मिता सेन का फर्स्ट लुक रिलीज हुआ है, तब से फैंस गौरी सावंत के बारे में जानने को बेचैन हैं. गौरी सावंत  (Gauri Sawant) एक सोशल वर्कर हैं जो कई साल से किन्नरों के हितों के लिए काम कर रही हैं. गौरी सावंत को कौन बनेगा करोड़पति सीजन 9 में देखा गया था. सिंगर ऊषा उत्थुप ने सेक्स वर्कर के लिए घर बनाने के लिए पैसा जोड़ने में गौरी की मदद की थी. उन्हें विक्स के एड में एक ट्रांसजेंडर मां के रूप में दिखाया गया है, जिन्होंने थर्ड जेंडर के रूढ़िवादी प्रतिनिधित्व को तोड़ने के लिए एक अनाथ लड़की की परवरिश की.यह भी पढ़ें: Taali Look: मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन अब किन्नर बन कर लौट रही हैं बॉलीवुड में, लुक ने किया सबको हैरान

Gauri Sawant

पिता ने कर दिया था जिंदा रहते हुए अंतिम संस्कार

गौरी सावंत (Gauri Sawant) ने अपनी जिंदगी में काफी कुछ झेले हैं और काफी स्ट्रगल किया. किन्नर गौरी सावंत मुंबई के दादर में एक मराठी परिवार में जन्मी थीं. उनके माता-पिता ने उनका नाम गणेश नंदन रखा था. गौरी सावंत जब सात साल की थीं, तभी उनकी मां की मौत हो गई. उन्हें दादी ने पाल-पोसकर बड़ा किया. गौरी सावंत  (Gauri Sawant) के पिता एक पुलिस अफसर थे. गौरी सावंत को अपनी सेक्शुएलिटी के बारे में पता था, लेकिन वह चाहकर भी पिता को बताने की हिम्मत नहीं कर पाईं. स्कूल में भी सारे बच्चे गौरी सावंत का मजाक उड़ाते थे और बहुत ही भद्दे कमेंट करते थे. गौरी सावंत धीरे-धीरे लड़कों की तरफ आकर्षित हो रही थीं. उन्हें तब यह पता नहीं था कि गे होने का क्या मतलब. लेकिन गौरी सावंत गुपचुप अपनी दादी की साड़ियां पहनकर सजतीं-संवरतीं थी. स्कूल में तो गौरी सावंत ने जैसे-तैसे स्थिति संभाल ली. लेकिन जब कॉलेज जाने की बारी आई तो मुश्किलें खड़ी हो गईं. गौरी सावंत  (Gauri Sawant) के परिवार ने कभी भी उनकी सेक्शुएलिटी को स्वीकार नहीं किया. गौरी सावंत भी अपने परिवार और पिता की शर्मिंदगी का कारण नहीं बनना चाहती थीं. इसलिए उन्होंने घर छोड़ दिया. तब गौरी सावंत की उम्र 14 या 15 साल थी. गौरी सावंत यानी गणेश नंदन ने बाद में वेजिनोप्लास्टी करवा ली और हमेशा के लिए गौरी सावंत बन गईं. आपको जानकर हैरानी होगी कि गौरी सावंत के पिता ने उनके जिंदा रहते हुए ही अंतिम संस्कार करवा दिया था.यह भी पढ़ें: बैंकॉक में छुट्टियां मना रही हैं प्रिया प्रकाश का बिकिनी में दिखा बोल्ड अंदाज, तस्वीरें देख उड़ाये फैंस के होश

Gauri Sawant

किन्नरों के हितों के लिए काम करती है गौरी सावंत

गौरी सावंत  (Gauri Sawant) ने हमसफर ट्रस्ट की मदद से खुद को बदला और वह गणेश नंदन से गौरी सावंत बन गईं. घर छोड़ने के बाद गौरी के पास न तो सिर पर छत थी और न ही खाने को दाना. लेकिन उन्होंने हिम्मत  नहीं हारी. साल 2000 में गौरी ने दो अन्य लोगों की मदद से ‘सखी चार चौगी’ (Sakhi Char Chowghi Trust) की स्थापना की. तब से गौरी सावंत सभी किन्नरों के हितों के लिए काम कर रही हैं. इस एनजीओ के जरिए गौरी घर से भागे ट्रांसजेंडर लोगों की मदद करती हैं. गौरी सावंत (Gauri Sawant) ने ही 2009 में किन्नरों को कानूनी मान्यता दिलाने के लिए कोर्ट में हलफनामा दायर किया था. नाज फाउंडेशन ने गौरी की अपील को आगे बढ़ाया. इसे नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी ने जनहित याचिका का रूप दिया था. इसी याचिका पर सुनवाई करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर कानून को मान्यता दी.

Gauri Sawant

सेक्स वर्कर की भी करी मदद

गौरी सावंत (Gauri Sawant) ने सिर्फ किन्नरों के हक के लिए ही नहीं बल्कि उन्होंने एक मासूम बच्ची को सेक्स वर्करों के धंधे में धकेले जाने से बचाया था. यही नहीं उन्होंने उस बच्ची को गोद लेकर उसे पाला-पोसा. गौरी ने साबित कर दिया कि मां शब्द किसी लिंग तक सीमित नहीं है. इस बच्ची का नाम गायत्री था, जो एक सेक्स वर्कर की बेटी थी. काम के दौरान गौरी  की इस सेक्स वर्कर से मुलाकात हुई थी. यह एचआईवी से पीड़ित थी, जिसके कारण उसकी मौत हो गई. मौते के बाद लोग सेक्स वर्कर की बेटी को बेचने की बात करने लगे. तब गौरी (Gauri Sawant)उस बच्ची को गोद लिया और आज वह एक हॉस्टल में पढ़ रही है.

Gauri Sawant

देश की पहली ट्रांसजेंडर इलेक्शन एंबैसडर

गौरी सावंत (Gauri Sawant) देश की पहली ट्रांसजेडर इलेक्शन ऐंबैसडर भी हैं. कुछ साल पहले वह विक्स के एक विज्ञापन से चर्चा में आई थीं. इसमें वह एक छोटी सी बच्ची के साथ दिखी थीं. इस विज्ञापन में एक बच्चे के मां-बाप मर जाते हैं और फिर गौरी सावंत यानी मम्मी उस बच्चे को गोद लेती हैं. इस विज्ञापन ने गौरी (Gauri Sawant) को चर्चा में ला दिया था.

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chhayasharma :मेरा नाम छाया शर्मा है. मैं एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में एक जर्नलिस्ट के रूप में पिछले 6 साल से ज्यादा समय से काम कर रही हूं. मैं सेलिब्रिटी न्यूज, लाइफस्टाइल कंटेंट और फैशन ट्रेंड्स की विशेषज्ञ हूं. मुझे नई और अनोखी कहानियों की खोज करने का शौक है और मुझें अपने रीडर्स के लिए एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की नई-नई खबरें और गॉसिप लिखना बेहद पसंद है. मैं एक उत्सुक पाठक, फिल्म शौकीन और संगीत प्रेमी हूं. और हमेशा अगली बेहतरीन कहानी की तलाश में रहती हूं